Principal’s Message

प्रिय विद्यार्थियों,

ज्ञान की परम्परात्मक श्रंखला का नाम ही शिक्षा है | शिक्षा द्वारा मानव की बुद्धि का विकास होता है तथा नवीन ज्ञान की प्राप्ति होती है | इस श्रंखला की एक कड़ी के रूप में हमारा महाविद्यालय आपके समक्ष प्रस्तुत है | ज्ञानार्जन हेतु आपने इस महाविद्यालय का चयन किया इसके लिये बहुत-बहुत धन्यवाद |

यह महाविद्यालय एक छोटा सा परिवार है | इसके सभी शिक्षक एवं कर्मचारी एक समान उद्देश्य के लिये कार्य करते है | हम सबका प्रमुख उद्देश्य है-विद्यार्थियों का सर्वागीण विकास करना | महाविद्यालय के सभी कर्मचारी इसकी गरिमा को बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध है और अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिकायें निभा रहे है |

एक-एक विद्यार्थी देश का भविष्य होता है उसके सर्वागीण विकास से ही देश का विकास संभव है | इसलिए शैक्षणिक एवं पाठ्य सहगामी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को सम्रद्ध करना ही हमारा उद्देश्य है |

आज की युवा पीढ़ी दिग्भ्रमित है उसे सही मार्ग दर्शन की आवश्यकता है | वैश्वीकरण एवं प्रतिस्पर्धा के इस युग में युवा पीढ़ी अपने लक्ष्य से भटक रही है | यही कारण है जीवन को सुगम बनाने के लिये जिन साधनों का अविष्कार हुआ व्यक्ति ने उनका दुरूपयोग करना शुरू कर दिया | जब से मोबाइल फ़ोन, कंप्यूटर आदि का चलन बढ़ा समाज में साइबर अपराध बढ़ते जा रहे है | मानव जीवन कहीं भी सुरक्षित नहीं है | मानव का नैतिक एवं चारित्रिक पतन होता जा रहा है |

विद्यालय सिर्फ शिक्षा के लिये ही आधारभूत ढांचा प्रदान नहीं करता बल्कि विद्यार्थीयों के चरित्र निर्माण की भी पाठशाला है | महाविद्यालय परिवार विद्यार्थीयों की प्रगति के लिये हर सम्भव सहयोग देने को हमेशा तत्पर है तथा साथ ही अपेक्षा करता है कि आप इस महाविद्यालय का गौरव बढ़ाते हुए महाविद्यालय के नियमों का पालन करेंगे, सभी शिक्षकों एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों का सम्मान करेंगे, नियमित कक्षाएं पढ़ेगे तथा महाविद्यालय के हित तथा समाज की प्रगति में अपनी क्षमतानुसार योगदान देंगे |

उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाओ के साथ

 

डॉ0 ममता शर्मा
प्राचार्य