Admission Rules & Regulations

१. आरक्षण से सम्बन्धी सूचना : कॉलेज में प्रवेश मेरिट के आधार पर होगा न कि वर्ग / जाति / धर्म / भाषा / लिंग इत्यादि के आधार पर। परन्तु उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति / जन जाति एवं अन्य पिछड़ी जातियों के प्रवेशार्थीयों के लिए संशोधित आरक्षण अधिनियम 2006 उ.प्र. का प्रावधान है। निर्धारित संख्या में अनुसूचित संवर्गो के प्रवेशार्थी उपलब्ध न होने पर रिक्त स्थान सर्वप्रथम अन्य पिछड़े वर्गो से एवं तत्पश्चात सामान्य वर्ग के प्रवेशार्थीयों के द्वारा भरे जायेंगे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी / सेवानिवृत्त सैनिकों के आश्रित तथा विकलांग प्रवेशार्थीयों के लिए आरक्षण क्रमशः 2 प्रतिशत, 1 प्रतिशत, तथा 3 प्रतिशत है। आरक्षण सम्बन्धी प्रमाण-पत्र तहसीलदार अथवा उससे उच्च अधिकारी द्वारा निर्गत किया हुआ ही मान्य होगा। छात्राओं को क्षैतिज आधार पर 20 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया जायेगा।

२. वरीयता सूची आंकने के लिए प्रवेश के समय देय अधिभार :

राष्ट्रीय एवं अन्तर्विश्वविद्यालय खेलकूदों में भाग लेने पर –                                     4%

एन.सी.सी. के ‘सी’ अथवा ‘जी-11’ सर्टिफिकेट पास करने वाले प्रवेशार्थी को –              2%

एन.सी.सी. के ‘बी’ अथवा ‘जी-11’ सर्टिफिकेट वाले प्रवेशार्थी को –                               2%

एन.सी.सी. में (ए) 120 घंटे कार्य करने पर एवं 1 दस दिवसीय शिविर पूरा करने पर – 2%

एन.सी.सी. के (बी ) 120 घंटे कार्य पूरा करने पर –                                                      1%

एन.सी.सी. के (सी) 240 एवं दो दस दिवसीय कार्य पूरा करने पर –                             3%

विश्वविद्यालय अथवा कॉलेज में कार्यरत कर्मचारी के वार्ड को 4 प्रतिशत अधिभार देय होगा –

उपरोक्त सन्दर्भ में किसी भी दशा में अधिकतम 8 प्रतिशत अधिभार ही दिया जा सकता है लेकिन शिक्षक एवं कर्मचारी श्रेणी में 12 प्रतिशत अधिभार दिया जा सकता है। कोई भी अधिभार श्रेणी के आधार पर वरीयता को प्रभावित नहीं करेगा।

३. कॉलेज एवं विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित नियमों/प्रावधानों की भिन्नता की स्थिति में विश्वविद्यालय के नियम मान्य होंगे।

४. प्रत्येक सेक्शन / विषय में शासन / विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित संख्या से अधिक प्रवेश देना सम्भव नहीं होगा।

५. स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु कक्षा 12 से तथा स्नातकोत्तर कक्षा में प्रवेश हेतु स्नातक अन्तिम वर्ष से किसी अन्तराल (गेप) के लिए प्रतिवर्ष की गणना से 2 प्रतिशत अंक प्रवेश सूचकांक से कम किए जायेंगे।

६. बैक पेपर (परीक्षा सुधार) के सम्बन्ध में प्रावधान –

(क) वि.वि. नियमानुसार पुनः परीक्षा में बैठने योग्य अभ्यर्थी का उसी उपाधि की अगली कक्षा में अस्थायी प्रवेश स्वीकार्य होगा। यदि किसी कारण अभ्यर्थी पुनः परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाता है तो उसका स्थायी प्रवेश रद्द कर दिया जायेगा तथा उसे सभी विषयों में पूर्व विद्यार्थी के रूप में गत वर्ष की पूर्ण परीक्षा देनी होगी।

(ख) वि.वि. नियमानुसार यदि कोई भी अभ्यर्थी कृपांक की सहायता से परीक्षा उत्तीर्ण करता है या उसकी श्रेणी सुधारता है तो वह नियमानुसार देय लाभ का अधिकारी होगा।

(ग) स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में प्रवेश के समय स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा।

(घ) वि.वि. नियमानुसार उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थी को, जिसने प्रवेश हेतु आवश्यक योग्यता परीक्षा उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर से उत्तीर्ण की है किन्तु उत्तर प्रदेश के निवासी के रूप में प्रवेश का इस्छुक है सक्षम अधिकारियों द्वारा द्वारा उत्तर प्रदेश का मूल निवास पत्र एवं आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होंगे , अन्यथा वह अन्य प्रदेश की श्रेणी में माना जायेगा।

(ड़) प्रवेश वरीयता सूची तैयार करने हेतु स्नातक / स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश हेतु अर्ह परीक्षा में दो वर्ष के अन्तराल से ज्यादा अन्तराल पर प्रोगात्मक विषयों की डिग्री को छोड़कर प्रवेश अनुमन्य नहीं होगा। अन्तराल के वर्षो में कुल प्राप्तांकों से 2 प्रतिशत प्रति वर्ष कटौती की जायेगी। यह नियम केवल प्रथम वर्ष के प्रवेश पर ही लागू होगा।